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Wednesday, November 9, 2022

रांची में रोड टैक्स का 42.41 करोड़ बकाया, 8825 वाहन चिह्नित, होगी कार्रवाई - Lagatar Hindi

Ranchi : साल 2022 खत्म होने को है. झारखंड परिवहन विभाग का राजस्व वसूली पर पूरा जोर है. अभी भी रांची में रोड टैक्स का 42.41 करोड़ बकाया है. विभाग ने टैक्स जमा नहीं करने वाले 8825 वाहनों को चिह्नित किया है. टैक्स जमा नहीं करनेवाले इन वाहन मालिकों पर मोटर वाहन एक्ट और राजस्व अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी.

टैक्स जमा नहीं करनेवाले वाहनों की सूची तैयार

वाहन मालिकों को वन टाइम टैक्स जमा करना होता है. हालांकि इस व्यवस्था का वाहन मालिकों ने विरोध जताया है. यह व्यवस्था 2019 के बाद से लागू हुई है. वर्ष 2019 के पहले तिमाही और छमाही में टैक्स जमा लिया जाता था. इस बीच रांची जिला परिवहन विभाग की ओर से टैक्स जमा नहीं करनेवाले चार प्रकार के वाहनों की सूची तैयार की गई है. इसके तहत हेवी गुड्स व्हीकल (ट्रक, हाइवा, डंपर आदि), मीडियम गुड्स व्हीकल (ट्रक 709, 909,1109 आदि), हेवी पैसेंजर और मीडियम पैसेंजर कैटगेरी के वाहनों को चिह्नित किया गया है. नोटिस मिलने के बाद भी बकाया भुगतान नहीं करने पर मोटर वाहन एक्ट और राजस्व अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी.

इसे भी पढ़ें – राज्य में अब तक निर्मित सभी प्रकार के भवनों को किया जाएगा रेगुलराइज, ‘आवासीय’ शब्द हटा

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Monday, November 7, 2022

दुर्घटना के समय बाइकर रात में सड़क पर खड़े वाहन की पार्किंग लाइट बंद होने पर अंशदायी लापरवाही के लिए... - Live Law Hindi

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Sunday, November 6, 2022

पांच शहरों में 15 साल पुराने वाहन चलाने पर पाबंदी - Patrika News

राज्य में 1 अप्रेल 2022 से केवल पांच शहरों (जयपुर, जोधपुर, कोटा, अलवर, उदयपुर) में 15 साल से अधिक पुराने व्यावसायिक वाहनों के संचालन पर रोक है। इनके अतिरिक्त सभी शहरों व गांवों में वाहनों के संचालन के लिए कोई समय सीमा तय नहीं है।

इतना ही नहीं, जिन शहरों में पाबंदी लगाई गई है, वहां से मालिक वाहनों की एनओसी लेकर दूसरे जिले में पुन: पंजीयन करवा रहे हैं। इन शहरों से करीब 15 हजार वाहनों की एनओसी लेकर राज्य के ही दूसरे जिलों में पुन: पंजीयन करवाया गया है। पुन: पंजीयन के बाद इन शहरों को छोड़कर शेष राज्य में वाहन चलाए जा रहे हैं।

पांच शहरों से पुराने वाहनों के पंजीयन तो रद्द किए जा रहे हैं, लेकिन उसके बाद वाहन शहर में चल रहे हैं या नहीं, यह देखने वाला कोई नहीं है। वाहनों की नंबर प्लेट आरटीओ कार्यालय के बाहर बनाई जा सकती है। वहीं परिवहन विभाग या यातायात विभाग इस तरह की कोई जांच भी नहीं कर रहा है।

केंद्र ने तय नहीं कर रखी वाहनों की उम्र

केंद्र ने वाहनों के कबाड़ होने की अवधि तय नहीं कर रखी है। परिवहन विभाग के दस्तावेज में ऐसे वाहन पंजीकृत हैं जिनका पंजीयन 40-50 साल पहले किया गया था। वाहनों की लगातार बढ़ती संख्या का बड़ा कारण भी यही है। प्रदेश में करीब दो करोड़ वाहन पंजीकृत हैं, वहीं जयपुर में 34 लाख से अधिक वाहन दौड़ रहे हैं। केंद्रीय मोटर वाहन अधिनियम 1988 की धारा 59 में मोटर वाहनों का जीवन काल तय करने के लिए केंद्र सरकार को अधिकृत किया गया है। जिसके अनुसार केंद्र सरकार किसी मोटर यान का जीवन काल निर्धारित कर सकेगी। 38 बरस बीत चुके हैं, लेकिन केंद्र ने आज तक किसी भी प्रकार के वाहन की आयु निर्धारित नहीं की है।

जयपुर शहर से इतने वाहनों का पंजीयन किया रद्द

ट्रक 2021

बस, ऑटो रिक्शा, एंबुलेंस 364

कैब व टैक्सी 2771

(आंकड़े 1 अप्रेल 2020 से अब तक के)

(इन वाहनों के मालिकों ने एनओसी लेकर दूसरे जिले में पंजीयन करवा लिया है)

इन सवालों से समझें

1. पंजीयन रद्द करने की क्या प्रक्रिया है?

जयपुर, जोधपुर, कोटा, अलवर, उदयपुर में 15 साल पूरे करने वाले व्यावसायिक वाहनों के संचालन पर रोक है। वाहन मालिक एनओसी लेकर दूसरे जिले में वाहन चला सकता है। अन्य किसी भी जिले में ऐसी कोई रोक नहीं है।

2. रोक क्यों लगाई गई?

एनजीटी के आदेश पर एक अप्रेल 2020 से रोक लगाई। कोरोना के कारण इसे आगे बढ़ाया गया। 1 अप्रेल 2022 से आदेश लागू हुए और रोक लगाई गई।

3. रोक निजी वाहन पर भी है?

जी नहीं, यह रोक केवल व्यावसायिक वाहन (टैक्सी, ऑटो रिक्शा, बस, ट्रक, एम्बुलेंस आदि) पर है।

4. जयपुर, जोधपुर, कोटा, अलवर, उदयपुर के अलावा देश में और कहां ऐसी रोक है?

दिल्ली व एनसीआर क्षेत्र में पुराने वाहनों के संचालन पर रोक है।

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Saturday, November 5, 2022

8825 वाहनों ने दबा रखा है 42.5 करोड़ रुपए - Inext Live

8825 वाहनों ने दबा रखा है 42.5 करोड़ रुपए

By: Inextlive | Updated Date: Sat, 05 Nov 2022 23:49:48 (IST)

जिला प्रशासन की लाख कोशिशों के बावजूद राजधानी रांची की हजारों कॉमर्शियल व्हीकल्स का रोड टैक्स बकाया है.

रांची (ब्यूरो) : ऐसे बकायेदारों के खिलाफ रांची परिवहन कार्यालय अब नरमी के मूड में नहीं है। रांची परिवहन विभाग द्वारा 8825 वाहनों को चिह्नित कर नोटिस जारी किया गया है। इन वाहनों के पास सरकार का 42,41,35,630 रुपए बकाया है।

जारी किया गया नोटिस

जिला परिवहन की ओर से चार प्रकार के वाहनों की सूची तैयार की गई है। इसके तहत हेवी गुड्स व्हीकल (ट्रक, हाइवा, डंपर आदि), मीडियम गुड्स व्हीकल (ट्रक 709, 909,1109 आदि), हेवी पैसेंजर और मीडियम पैसेंजर कैटगेरी के वाहनों को चिह्नित किया गया है। नोटिस मिलने के बाद भी बकाया भुगतान नहीं करने पर मोटर वाहन एक्ट और राजस्व अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी।

वन टाइम टैक्स करना होगा जमा

वाहन मालिकों को टैक्स वन टाइम जमा करना होगा। हालांकि, इस व्यवस्था का वाहन मालिकों ने विरोध भी जताया लेकिन, कोई सुनवाई नहीं हुई है। यह व्यवस्था 2019 के बाद से लागू हुई है। वर्ष 2019 के पहले तिमाही और छमाही में टैक्स जमा लिया जाता था।

जेसीबी वालो का बहुत बकाया है

राजधानी में डिफॉल्टर वाहनों में सभी प्रकार के कॉमर्शियल वाहनों के खिलाफ नोटिस जारी किया गया है। करीब 350 जेसीबी संचालकों को निर्देश दिया गया है कि जल्द टैक्स भरें, नहीं तो 200 प्रतिशत पेनाल्टी देनी होगी। मालूम हो कि रांची में 2500 से अधिक जेसीबी का संचालन होता है। कई वाहनों का वर्ष 2018 व वर्ष 2019 से टैक्स बकाया है। डीटीओ प्रवीण प्रकाश ने बताया कि जल्द टैक्स नहीं चुकाने वाले वाहनों के खिलाफ झारखंड मोटर वाहन करारोपण अधिनियम के तहत 200 फीसदी टैक्स की वसूली की जाएगी।

तीन नोटिस के बाद कार्रवाई

जिला परिवहन कार्यालय द्वारा डिफॉल्टर वाहन मालिकों को टैक्स जमा करने के लिए तीन प्रकार से नोटिस भेजे जाएंगे। पहले चरण में परिवहन विभाग की वेबसाइट और अखबारों में विज्ञापन निकालकर वाहन मालिकों को टैक्स जमा करने के लिए कहा जाएगा। इसके बाद डिमांड नोटिस रजिस्टर्ड पोस्ट के जरिए भेजा जाएगा। इसके बाद भी वाहन मालिक टैक्स जमा नहीं करेंगे तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया तेज होगी।

अब डिफॉल्टर वाहन होगा जब्त

जिला परिवहन विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक बकाएदार सभी कॉमर्शियल वाहन के मालिकों को सार्वजनिक नोटिस देकर भी टैक्स भुगतान का मौका दिया जाएगा। इसके बावजूद टैक्स जमा नहीं करने वाले वाहन अगर सडक़ पर या कहीं नजर आए तो उसे जब्त कर लिया जाएगा।

रांची की हजारों गाडिय़ों का टैक्स बकाया है। गाड़ी मालिकों को बार-बार नोटिस भी भेजा गया है। कुछ लोगों ने तो टैक्स जमा किया, लेकिन टैक्स नहीं देने वालों की लिस्ट लंबी है। ऐसे लोगों पर अïब सीधी कार्रवाई की जाएगी। जिन को दो बार मौका दिया गया है उसने भी बकाया जमा नहीं किया है।

--प्रवीण प्रकाश, जिला परिवहन पदाधिकारी, रांची

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प्रदूषण पर सख्त केजरीवाल सरकार, दिल्ली में घुसे ये वाहन तो चुकाना होगा 20 हजार का जुर्माना - TV9 Bharatvarsh

वायु प्रदूषण पर अंकुश लगाने के लिए पानी की बूंदों का छिड़काव करने के लिए एंटी-स्मॉग गन का इस्तेमाल किया जा रहा है, क्योंकि दिल्ली में वायु गुणवत्ता 'गंभीर' श्रेणी में बनी हुई है.

प्रदूषण पर सख्त केजरीवाल सरकार, दिल्ली में घुसे ये वाहन तो चुकाना होगा 20 हजार का जुर्माना
दिल्ली एनसीआर की हवा हुई प्रदूषित.

Image Credit source: File Photo

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में वायु प्रदूषण से हाल बेहाल है. प्रदूषण के चलते लोगों को घरों से मास्क लगाकर बाहर निकलना पड़ रहा है. दिल्ली में वायु प्रदूषण में भारी गिरावट देखी जा रही है. हवा की गुणवत्ता में गिरावट को देखते हुए दिल्ली में ग्रेप स्टेज चार लगाया गया है, जिसके तहत कुछ वाहनों पर प्रतिबंध लगाया गया है. बढ़ते प्रदूषण के कारण कुछ वाहनों के स़ड़क पर चलने पर प्रतिबंध है. दिल्ली सरकार द्वारा लगाए गए प्रतिबंध का उल्लंघन करने पर 20 हजार रुपए का जुर्माना लगाया जाएगा.

एक अधिकारी ने बताया कि इन प्रतिबंधों का उल्लंघन करने पर मोटर वाहन अधिनियम के तहत 20 हजार रुपए का जुर्माना लगाया जा सकता है. केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और सिस्टम ऑफ एयर क्वालिटी एंड वेदर फोरकास्टिंग एंड रिसर्च (एसएएफएआर) मंत्रालय के तहत एक पूर्वानुमान एजेंसी के अनुसार, दिल्ली की वायु गुणवत्ता लगातार दूसरे दिन भी गंभीर बनी रही. राजधानी में PM2.5 प्रदूषण का 30 प्रतिशत हिस्सा पराली जलाने के कारण है.

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दिल्ली में वायु प्रदूषण को लेकर सरकार ने लगाए प्रतिबंध

  • दिल्ली सरकार ने वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) द्वारा अनुशंसित प्रदूषण-रोधी प्रतिबंधों को लागू करने का निर्णय लिया है, जिसमें गैर बीएस-4 डीजल से चलने वाले हल्के मोटर वाहनों पर प्रतिबंध भी शामिल है.
  • साथ ही आवश्यक वस्तुओं को ले जाने या आवश्यक सेवाएं प्रदान करने वालों को छोड़कर किसी भी डीजल ट्रक को दिल्ली में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी.
  • हालांकि परिवहन विभाग के एक आदेश के अनुसार, सभी सीएनजी और इलेक्ट्रिक ट्रकों को दिल्ली में प्रवेश करने की अनुमति होगी.
  • दिल्ली में पंजीकृत डीजल से चलने वाले मध्यम और भारी माल वाहनों को आवश्यक वस्तुओं को ले जाने या आवश्यक सेवाएं प्रदान करने वालों को छोड़कर दिल्ली में चलने की अनुमति नहीं होगी.
  • दिल्ली परिवहन विभाग द्वारा जारी आदेश में यह भी कहा गया है कि बीएस-3 पेट्रोल और बीएस-4 डीजल लाइट मोटर वाहन दिल्ली के एनसीटी के अधिकार क्षेत्र के तहत आने वाले क्षेत्रों में चलने पर प्रतिबंध लगा दिया जाएगा.
  • यात्रियों की सुविधा के लिए सार्वजनिक परिवहन सेवाओं को बढ़ाया जाएगा. एक बयान के अनुसार, परिवहन विभाग डीटीसी के माध्यम से 60 दिनों के लिए एक हजार निजी सीएनजी अनुबंध कैरिज बसों को किराए पर लेगा.
  • इसे 90 दिनों तक बढ़ाया जा सकता है. पहले चरण में 500 बसें किराए पर ली जाएंगी. वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग के अगले आदेश तक यह योजना लागू रहेगी.

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Friday, November 4, 2022

Nissan-Renault: निसान-रेनो इलेक्ट्रिक वाहनों को अनुकूलित करने के लिए कर रही है बातचीत, रिपोर्ट में खुलासा - अमर उजाला

Nissan Motor Company (निसान मोटर कंपनी) की अपने साथी और टॉप शेयरधारक Renault SA (रेनो एसए) के साथ बातचीत इलेक्ट्रिक वाहनों में अपने निवेश को ऑप्टिमाइज (अनुकूलित) करने और गठबंधन की प्रतिस्पर्धात्मकता में सुधार पर केंद्रित है। जापानी वाहन निर्माता निसान के सीईओ ने शुक्रवार को रॉयटर्स को यह जानकारी दी।

बातचीत के जानकार लोगों के अनुसार, रेनो और निसान के बीच बातचीत चल रही है। इस डील को पूरा करने के लिए तय किए गए 15 नवंबर के लक्ष्य में दो हफ्ते से भी कम समय बाकी है।

निसान के मुख्य कार्यकारी माकोटो उचिडा ने रेनो के साथ संभावित सौदे के समय पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया और क्या यह इस महीने किया जा सकता है। 

उन्होंने कहा कि बातचीत का मकसद आर्थिक अनिश्चितता के समय में प्रतिस्पर्धा करने के लिए वाहन निर्माताओं की क्षमता में सुधार करना था। उन्होंने कहा कि उद्योग इलेक्ट्रिक वाहनों में शिफ्ट होने के लिए सदी में सबसे बड़ा परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है।

उचिदा ने कहा, "हम जो चर्चा कर रहे हैं, वह इस बारे में है कि हमारी प्रतिस्पर्धात्मकता को और भी मजबूत कैसे बनाया जाए। यह पहले नंबर पर है।" 

वाहन निर्माताओं ने कहा कि पिछले महीने वे 1999 में स्थापित गठबंधन के भविष्य के बारे में चर्चा कर रहे थे जब रेनो ने निसान में हिस्सेदारी ली और पूर्व कार्यकारी से भगोड़े कार्लोस घोसन के तहत जापानी कंपनी के लिए बदलाव लाने में मदद की।

कंपनियों ने पिछले महीने कहा था कि निसान रेनो की नियोजित इलेक्ट्रिक वाहन इकाई में निवेश करने पर विचार कर रही है।

दोनों पक्ष निसान में रेनो की 43 प्रतिशत हिस्सेदारी में संभावित रूप से 15 प्रतिशत तक की कमी पर भी चर्चा कर रहे हैं और किन शर्तों के तहत ऐसा हो सकता है। वार्ता के जानकार लोगों ने कहा है। 

रेनो अपने इलेक्ट्रिक वाहन व्यवसाय, जिसका कोड-नाम Ampere (एम्पीयर) है, को अपने पुराने इंटरनल कंब्शन इंजन (ICE) कारोबार, जिसका कोड-नाम Horse (हॉर्स) है, से अलग कर रहा है। क्योंकि यह अमेरिकी प्रतिद्वंद्वी टेस्ला इंक के नेतृत्व में इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए उद्योग में हुए इस बदलाव में पीछे नहीं रहना चाहता। 
निसान के साथ अपनी चर्चा से अलग ट्रैक पर, रेनो अपनी इंटरनल कंब्शन इंजन यूनिट्स में हिस्सेदारी लेने के बारे में चीनी वाहन निर्माता Geely Automobile Holdings (जीली ऑटोमोबाइल होल्डिंग्स) से भी बात कर रहा है। इस वार्ता से परिचित लोगों ने यह जानकारी दी है।

उस यूनिट में स्पेन, पुर्तगाल, तुर्की, रोमानिया और लैटिन अमेरिका में रेनो के प्रॉडक्शन स्थल शामिल हैं।

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Thursday, November 3, 2022

सावधान वाहनों पर लगाई काली फिल्म तो होगी कार्रवाई, वसूला जाएगा जुर्माना - Patrika News

शीशे के ऊपर लगाते हैं काली फिल्म : लग्जरी बसों और कारों के शीशे में काली फिल्म लगायी जाती है। शहर में ऐसे दर्जनों वाहन चल रहे हैं। यह पूरी तरह गैर कानूनी है। काला शीशा लगे वाहनों के अंदर क्या हो रहा है, कौन है इसे सड़क पर आने-जाने वाले देख नहीं सकते हैं। काला शीशा लगे वाहनों पर सवार अपराधी अपराध को अंजाम देकर आसानी से फरार हो जाते हैं। कई बार ऐसी घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन प्रशासन द्वारा ठोस कार्रवाई के आभाव में शहर में काला शीशा वाले व्यवसायिक और निजी वाहन बेखौफ देखे जा सकते हैं।

क्या है नियम
केंद्रीय मोटर वाहन नियमावली, 1989 के नियम 100 के तहत वाहनों की खिड़कियों के शीशे काले या रंगीन नहीं होने चाहिए। नियम के अनुसार वाहनों की खिड़कियों के साइड विंडो शीशा कम से कम 50 प्रतिशत और सामने और पीछे का शीशा 70 प्रतिशत पारदर्शी होना चाहिए। केंद्रीय मोटरवाहन नियमावली, 1989 के नियम 2 के तहत वाहनों में लगे काले शीशे को हटाने का प्रावधान है।

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Kurukshetra News: वाहन व सारथी पोर्टल से उठाया जा सकता है 22 फेसलेस सेवाओं का लाभ - अमर उजाला

कुरुक्षेत्र। उपायुक्त शांतनु शर्मा। कुरुक्षेत्र। वाहन और सारथी पोर्टल के माध्यम से आधार आधारित 22 फेसलेस सेवाओं का लाभ आमजन को दिया जा ...