एमवी एक्ट की धारा 157 - वाहन का स्थानांतरण करने पर बीमा पॉलिसी को भी हस्तांतरण के पक्ष में स्थानांतरित... - Live Law Hindi
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वाहन चलाते समय कई तरह के ट्रैफिक नियमों का पालन करना होता है। ट्रैफिक नियमों के पालन से आप चालान से भी बचते हैं। इसके साथ ही जान भी सुरक्षित रहती है। ऐसा ही एक नियम 1 नवंबर से मुंबई में लागू हो गया है। इस नियम का पालन नहीं करने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। दरअसल, मुंबई में 01 नवंबर से कार में बैठने वाले सभी लोगों को सीट बेल्ट लगाना जरूरी कर दिया गया है। मुंबई पुलिस ने इस बारे में 14 अक्टूबर को आदेश जारी किया था।
सीट बेल्ट अलार्म होगा अनिवार्य
पिछले महीने सड़क परिवहन मंत्रालय ने कार बनाने वाली कंपनियों के लिए पिछली सीट बेल्ट के अलार्म को अनिवार्य करने के लिए नियमों का मसौदा जारी किया है। इन नियमों के लागू होने के बाद अगली सीटों के जैसे ही पिछली सीटों के लिए भी सीट बेल्ट के अलार्म अनिवार्य रूप से लगाए जाएंगे। ये अलार्म आम तौर तब बीप करते हैं, जब कोई कार चलाते वक्त सीट बेल्ट नहीं पहनता है।

Jagran NewsPublish Date: Sat, 29 Oct 2022 01:56 PM (IST)Updated Date: Sat, 29 Oct 2022 01:56 PM (IST)
मुरादाबाद, जागरण संवाददाता। Driving a vehicle wearing slippers: अब लुंगी व चप्पल पहनकर वाहन चलाने पर यातायात पुलिस या परिवहन अधिकारी चालान नहीं कर पाएंगे। केंद्र सरकार ने केंद्रीय मोटर वाहन अधिनियम में संशोधन किया है। जिसके तहत अब चालकों को काफी आजादी दी गई है। अब अंंग्रेजों द्वारा लगाई गई पाबंदियां वाहन चालकों के ऊपर से हटा ली गई हैं।
केंद्र सरकार अंग्रेजों के द्वारा बनाए गए नियम को हटाने को लगातार काम कर रही है। उसके स्थान पर नये नियम बनाकर लागू किए जा रहे हैं। जिसके तहत केंद्रीय मोटर वाहन अधिनियम में सुधार किया गया है। अंग्रेजों के समय बनाए गए नियम के अनुसार वाहन चलाने वालों को कड़े नियम पालन करने होते थे। जिसमें चालक लुंगी बनियान, आधी बाह की शर्ट व चप्पल पहनकर वाहन नहीं चला सकते हैं। इस नियम का उल्लंघन करने पर पांच सौ रुपये जुर्माना का प्रविधान था।
अंग्रेजों बनाए गए नियम के अनुसार वाहन चलाते समय वाहन चालक पैंट, फुल आस्ती की शर्ट के साथ जूता पहनना अनिवार्य था। इसी आधार पर बस चालकों का ड्रेस कोड बनाया गया है। वहीं देश में काफी लोग लुंगी, घोती, साड़ी पहनकर वाहन चलाते हैं। इसी को देखते हुए केंद्रीय परिवहन मंत्रालय ने नियम में संशोधन किया है, जो शीघ्र ही लागू हो जाएंगे।
केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी के कार्यालय की ओर से ट्वीट करके यह जानकारी दी गई। अब चालक लुंगी, धोती, साड़ी, हाफ शर्ट व चप्पल पहनकर वाहन चला सकते हैं। पुराने नियम में सभी प्रकार के वाहन में अतिरिक्त बल्ब रखने का प्रविधान था, उसे भी समाप्त कर दिया है। नये नियम में गाड़ी के आगे का शीशा गंदा होने पर भी वाहन का चालान नहीं किया जाएगा। ई-चालान से ये सभी कालम हटा दिए जाएंगे। यात्री वाहन, स्कूल वाहन चलाने के लिए ड्रेस कोड लागू रहेगा।
सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) आरके सिंह ने कहा कि अभी तक लुंगी और चप्पल आदि पहनकर वाहन चलाने पर चालकों को चालान किया जाता था। नये नियम लागू करने के संबंध फिलहाल को पत्र नहीं मिला है। पत्र मिलते नये नियम लागू हो जाएगा।
Edited By: Vivek Bajpai

कभी न कभी आपको भी इस झल्लाहट का सामना करना पड़ा होगा कि आपने कैब बुक की और कैब या ऑटो ड्राइवर ने आपकी बुकिंग कैंसिल कर दी. इसके बाद आपने फिर से बुक किया और आपकी बुकिंग फिर से कैंसिल कर दी गई. लेकिन अब इस प्रॉब्लम को हल करने के लिए नए नियम बनाए गए हैं. हालांकि ये नियम पूरे देश में लागू नहीं होंगे. इसका फायदा सिर्फ उसी राज्य के लोग ले पाएंगे जहां की सरकार ने ये नियम लागू किए हैं.Also Read - कोयंबटूर विस्फोट केस की एनआईए जांच कराने के लिए तमिलनाडु सरकार ने केंद्र से सिफारिश की
नए नियम के तहत यदि आप मोबाइल एप आधारित कैब एग्रीगेटर की ऑटो या कैब सर्विस का इस्तेमाल करते हैं,और आपके द्वारा बुक की गई सवारी को कैंब ड्राइवर कैंसिल करते हैं तो, अब ग्राहक परिवहन विभाग के पास शिकायत दर्ज करा सकते हैं. Also Read - November Destinations: दिल्ली से 2 हजार से ज्यादा किमी दूर है ऊटी, सर्दियों में घूमिये 'ब्लू माउन्टेन'
तमिलनाडु राज्य सरकार राज्य सरकार मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की धारा 178 (3) (बी) के तहत जुर्माने में संशोधन करने जा रही है. जिसके तहत कैब कैंसिल करने वाले चालकों पर 500 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा. वहीं ऑटो-रिक्शा और बाइक चालकों को अधिनियम की धारा 178(3)(ए) के तहत बुकिंग कैंसिल करने के बदले 50 रुपये का जुर्माना भरना होगा. Also Read - तमिलनाडु के सीएम स्टालिन ने केंद्र सरकार को दी चेतावनी, हिंदी थोपकर एक और भाषा युद्ध शुरू नहीं किया जाए
टैक्सी, ऑटो-रिक्शा और पेडीकैब ड्राइवरों के खिलाफ बुकिंग कैंसिल करने की कई शिकायतें आ रही थीं. दरअसल कैब चालक बुकिंग के बाद यात्री से बात कर पता कर लेते थे कि उन्हें कहां जाना है और यदि बुकिंग कम दूरी या फिर ऐसी जगह की है जहां कैब चालक का जाने का मन नहीं है तो वो बुकिंग कैंसिल कर देते हैं. इसके अलावा यात्रियों द्वारा नकद के अलावा कोई अन्य पेमेंट ऑप्शन जैसे ऑनलाइन पेमेंट चुनने पर बुकिंग रद्द कर दी जाती थी. इसको लेकर लोगों ने शिकायत करनी शुरू कर दी. अब जाकर इस मामले में कड़ा नियम बनाया गया है.
एस. बालासुब्रमण्यम तमिलनाडु के ऑटोमोबाइल थोझीलालार सम्मेलन विभाग के महानिदेशक हैं. उनका कहना है कि मोटर वाहन संशोधन अधिनियम 2019 के अधिनियमित होने से ऑटो-रिक्शा चालकों पर जुर्माना लगाए जाने के नियम से ड्राइवरों की आजीविका प्रभावित होगी. गलती करने वाले ड्राइवरों पर जुर्माना लगाने पर कोई समस्या नहीं है. लेकिन सही लोगों पर इसका असर नहीं पड़ना चाहिए.

Jagran NewsPublish Date: Fri, 28 Oct 2022 08:58 PM (IST)Updated Date: Fri, 28 Oct 2022 08:58 PM (IST)
मनीष तिवारी, नई दिल्ली। मोटर वाहन अधिनियम में दो साल पहले किए गए कुछ कड़े प्रविधानों के बावजूद सड़क हादसों में दो पहिया वाहन चालकों और सवारों की जान जाने का सिलसिला कायम रहने के बीच केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय सड़क सुरक्षा के इस सबसे अहम पहलू पर नए सिरे से ध्यान दे रहा है।
दो साल पहले मोटर वाहन कानून में संशोधन के जरिये सड़क सुरक्षा के लिहाज से सुधार की जो कल्पना की गई थी वह पूरी नहीं हुई। इसके विपरीत हादसों की संख्या भी बढ़ी और उसमें जान गंवाने वालों की भी। इस पर अंकुश लगाने के लिए मंत्रालय नियम-कायदों के क्रियान्वयन की रफ्तार तेज करना चाहता है, क्योंकि असली समस्या इस पहलू को बहुत हल्के में लेने की है।
देश में सड़क हादसों में हर साल डेढ़ लाख से अधिक लोगों की जान जाती है, जिसमें लगभग आधा हिस्सा दो पहिया वाहन चालकों और उसमें सवार लोगों का है, लेकिन सड़क सुरक्षा के ज्यादातर अभियान कार और ट्रक जैसे वाहनों से होने वाले हादसों को रोकने पर केंद्रित रहते हैं। दो पहिया वाहनों के सवारों का हादसों में घायल होने का आंकड़ा इससे भी बड़ा है और इसका कोई अनुमान भी नहीं है कि ऐसे लोगों का शेष जीवन कैसा बीतता है।
दो पहिया वाहन चालकों की सुरक्षा को सबसे अधिक प्राथमिकता देने के लिए सड़क परिवहन मंत्रालय रोड सेफ्टी मैनेजमेंट कार्यक्रम के तहत राज्यों के पुलिस और परिवहन विभाग के अधिकारियों का प्रशिक्षण शिविर आयोजित कर रहा है। इंस्टीट्यूट आफ रोड ट्रांसपोर्ट एजुकेशन (आइआरटीई) में चल रहे आनलाइन कार्यक्रम में 11 राज्यों से सड़क इंजीनियरिंग, ट्रांसपोर्ट और पुलिस अधिकारियों को यह बताया गया है कि दो पहिया वाहन चालकों की सु्रक्षा का मतलब केवल हेलमेट पहनना अनिवार्य बनाना अथवा तीन सवारी प्रतिबंधित करना नहीं है।
मालूम हो कि कई अध्ययन यह बताते हैं कि हर साल औसतन जिन डेढ़ लाख दो पहिया वाहन सवारों की दुर्घटनाओं में जान जाती है उसमें हेड इंजरी ही एकमात्र कारण नहीं है। असली वजह दो पहिया वाहन चालकों की सुरक्षा के लिए बने नियमों के अनुपालन में कमी है। राज्यों में पुलिस और ट्रैफिक अधिकारी नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई करना तो दूर, दो पहिया वाहन चालकों की सुरक्षा के लिए सिस्टम भी नहीं बना सके हैं।
देश में तीस करोड़ गाड़िया हैं, जिनमें 74 प्रतिशत टू व्हीलर हैं, लेकिन उनके लिए अलग लेन के नियम का कहीं भी पालन नहीं होता और न ही यह देखा जाता है कि हेलमेट की क्वालिटी का स्तर क्या है और स्ट्रैप सही तरह बांधा गया है या नहीं। ड्राइवरों के लिए लाइसेंसिंग प्रणाली कितनी फूल प्रूफ है, उनके प्रशिक्षण का क्या स्तर है।
सड़क परिवहन मंत्रालय की पहल पर रोड सेफ्टी मैनेजमेंट कार्यक्रम का संचालन कर रहे आइआरटीई के प्रेसिडेंट और सड़क सुरक्षा के विशेषज्ञ रोहित तलेजा के अनुसार भारत के समक्ष मलेशिया का उदाहरण है, जहां कुल गाड़ियों में 78 प्रतिशत टू व्हीलर हैं। वहां हर हाईवे में दो पहिया वाहनों के लिए अलग लेन है। हमारे यहां भी इन्फोर्समेंट बहुत जरूरी है। उत्तर प्रदेश, राजस्थान, गुजरात, तेलंगाना, झारखंड, छत्तीसगढ़ समेत 11 राज्यों के अधिकारियों को यह प्रशिक्षण दिया जा रहा है कि उन्हें रोड सेफ्टी मैनेजमेंट में कैसे आपस में समन्वय कायम करना है और सड़कों, विशेषकर हाईवे निर्माण की तेज रफ्तार तथा उनकी चौड़ाई बढ़ाए जाने के बीच सड़क सुरक्षा के प्रविधानों पर अमल सुनिश्चित कराना है।
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Edited By: Sonu Gupta

शाजापुर (उज्जैन)4 घंटे पहले
शाजापुर के जिला अस्पताल में वाहन पार्किंग स्टैंड पर रखी एक मोटर साइकिल चोरी हो गई। वाहन स्टैंड से मोटर साइकिल चोरी होने पर अस्पताल की सुरक्षा पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
यहां पर बने वाहन स्टैंड पर वाहन खड़े करने पर ठेकेदार द्वारा 10 रूपए वसूले जाते हैं लेकिन मोटर साइकिल चोरी होने पर कोई जवाबदारी नहीं ली जाती।
ग्राम रोजवास निवासी ईश्वर सिंह आज 11.30 बजे के लगभग सास को मोटरसाइकिल से दिखाने के लिए जिला अस्पताल आएं और यहां वाहन स्टैंड पर मोटर साइकिल खड़ी करके अंदर चले गए। थोड़ी देर बाद जब वापस आएं तो मोटर साइकिल गायब मिली।
वाहन स्टैंड के ठेकेदार से पूछा तो उसने कहा मुझे पता नहीं। बाइक को तलाशा भी गया लेकिन कहीं पता नहीं चल पाया। कोतवाली पुलिस में पीड़ित ने शिकायती आवेदन दिया।

मलप्पुरम : मोटर वाहन विभाग की प्रवर्तन शाखा ने सोमवार को कोट्टक्कल से बिना दो हेडलाइट के रात में चल रही केएसआरटीसी की एक बस को पकड़ लिया. खचाखच भरी बस तिरूर-पोन्नानी रूट पर चल रही थी।
बस की सूचना मिलने के बाद अधिकारियों ने बस को चमरावट्टम पुल के पास से दबोच लिया। अधिकारियों ने पाया कि बस की दोनों हेडलाइट काम नहीं कर रही थीं। उन्होंने कहा कि बस स्ट्रीट लाइट और अन्य वाहनों की हेडलाइट के सहारे चल रही थी.
मोटर वाहन विभाग ने बस को पोन्नानी डिपो तक पहुँचाया क्योंकि केएसआरटीसी के अधिकारियों ने यात्रियों के लिए एक विकल्प की व्यवस्था करने से इनकार कर दिया।
अधिकारियों ने कहा कि संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। निरीक्षण दल में प्रवर्तन एमवीआई पीके मुहम्मद शफीक, एएमवीआई केआर हरिलाल और विजेश वलेरी शामिल थे।
कुरुक्षेत्र। उपायुक्त शांतनु शर्मा। कुरुक्षेत्र। वाहन और सारथी पोर्टल के माध्यम से आधार आधारित 22 फेसलेस सेवाओं का लाभ आमजन को दिया जा ...